ऋषि कपूर की फिल्म 'बॉबी' का पूर्व पीएम इंदिरा गांधी से खास कनेक्‍शन, जानकर दंग रह जाएंगे

 

नई दिल्ली. बॉलीवुड के जानेमाने अभिनेता ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) अब हमारे बीच नहीं हैं. 30 अप्रैल को हुए उनके निधन के बाद उनको लेकर दो खास बातों का सबसे ज्यादा जिक्र हो रहा है. पहला है उनका उनके बेटे रणबीर कपूर के साथ रिश्ता और दूसरा उनकी फिल्मों में होने वाला रोमांस. इसमें से रोमांस वाले हिस्से से जुड़ी एक बेहद ‌दिलचस्प कहानी इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने अपनी किताब 'इंडिया आफ्टर गांधी' लिखा है. इसमें ऋषि के रोमांस वाली पहली फिल्म 'बॉबी' और पूर्व पीएम इंदिरा गांधी को लेकर एक कहानी बताई गई है जो मौजूदा दौर में एकदम प्रासंगिक है.

यह मसला देश में लगे आपातकाल के दौरान का है. कोरोना तो नहीं लेकिन राजनैतिक कारणों से लोग घरों में रहने को मजबूर थे. जिस तरह से मौजूदा सरकार ने हाल ही में लोगों को घरों में ही रखने के उद्देश्य से 'रामायण' और 'महाभारत' का पुनः प्रसारण करा रही है, ठीक उसी तरह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने एक बेहद चौंकाने वाले तरीके से तब 'बॉबी' का दूरदर्शन पर प्रदर्शन करा दिया था, जब उन्हें अपने एक प्रतिद्वंदी नेता की रैली में लोगों की भीड़ को रोकना था.

इस बात से 'बॉबी' के प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है. असल में हुआ ये था कि आपातकाल के बाद जब इंदिरा ने अचानक लोकसभा चुनाव कराने की घोषणा की तब कांग्रसे छोड़कर बाबूजी यानी जगजीवन राम ने भी अपनी पार्टी बनाई और जनता दल के साथ आ मिले. तब जगजीवन राम को देश में एक मजबूत नेता माना जा रहा था. वो प्रमुख दलित चेहरे थे. बल्कि कुछ लोग उन्हें भविष्य के पीएम के तौर पर देख रहे थे.

रामचंद्र गुहा के अनुसार छह मार्च को दिल्ली में एक विशाल जनसभा का आयोजन होना था. इससे भीड़ को दूर रखने के लिए कांग्रेस ने जनसभा के समय पर ऋषि कपूर की मशहूर रोमांटिक फिल्म 'बॉबी' का दूरदर्शन पर प्रसारण करा दिया. तब एकमात्र चैनल दूरदर्शन ही होता था जो सरकार के अनुसार चलता था. कहते हैं आम दिनों में अगर 'बॉबी' फिल्म टीवी पर दिखाई जाती तो दिल्ली की लगभग आधी आबादी घरों पर ही होती. लेकिन बाबूजी की जनसभा के लिए लोगों ने फिल्म छोड़ी. अगले दिन तब के एक अखबार हेडलाइन बनाई- आज बाबूजी ने 'बॉबी' पर जीत हासिल की. कांग्रेस अपने अपने मंसूबे पर सफल नहीं हो पाई.
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